देश के एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके केबिनेट सहयोगियों और राज्यों में सत्ता से बाहर दलों के नेताओं के साथ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नामांकन कराकर भाजपा ने साफ संकेत दिए हैं कि वह किसी भी कीमत पर विपक्ष को मुकाबले में नहीं आने देगा। मतदान से पहले सहयोगी दलों के साथ साथ छह गैर सहयोगी दलों का समर्थन हासिल कर पार्टी ने अपने उम्मीदवार की रिकार्ड जीत का रास्ता भी साफ कर दिया है। हालांकि संयुक्त विपक्ष मीरा कुमार पर दांव लगाकर 2019 में लोकसभा के लिए होने वाले महासंग्राम तक एकजुटता बरकरार रखने के साथ ही दलित जातियों को भाजपा की गोद में जाने से रोकने की कोशिश में जुटा है, लेकिन बिहार के महागठबंधन सहयोगी जदयू ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देकर विपक्ष को पशोपेश में डाल दिया है। विपक्ष उन्हें उन्हीं के दांव से वापस अपने पक्ष में लाना चाहता है, लेकिन भाजपा ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं होने देने के लिए प्रतिबद्घ दिख रही है।